Tariff Commission
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Government of India

प्रशुल्क आयोग

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        विचारार्थ विषय

विश्व व्यापार संगठन में सरकार की वचनबद्धता और घरेलू उद्योग के साथ-साथ देश की अर्थव्यवस्था पर अनिवार्य प्रभाव डालने वाले प्रशुल्क एवं प्रशुल्क से संबंधित मामलों के मद्देनज़र सरकार ने 2 सितम्बर, 1997 को संकल्प सं. ए-42012/1/98-ई.IV-सी.डी.एन. द्वारा उद्योग मंत्रालय के औद्योगिक नीति एवं संवर्धन विभाग के तहत स्वतंत्र प्रशुल्क आयोग का गठन किया। आयोग एक स्वतंत्र निकाय है और प्रशुल्क संबंधी मामलों का अध्ययन करता है तथा देश के वृहद आर्थिक हितों के मद्देनज़र विभिन्न उत्पादों और उद्योगों के संबंध में उपयुक्त स्तर के प्रशुल्क की अनुशंसा करता है।

 

     प्रशुल्क आयोग के विचारार्थ विषय दिनांक 8 सितम्बर 1998 के संकल्प द्वारा व्यापक किए गए थे। संशोधित विचारार्थ विषय में निम्नलिखित शामिल हैः-

 

    क) सरकार से अनुरोध प्राप्त होने पर -

 

 

 

 

 

 

 

ख) स्वतः आधार पर -

 

 

 

 

     भारत सरकार ने 12 अप्रैल 1999 के संकल्प द्वारा औद्योगिक लागत एवं मूल्य ब्यूरो का प्रशुल्क आयोग में विलय कर दिया। उक्त संकल्प में विलय के संबंध में दिया गया उद्देश्य इस प्रकार थाः-

 

"संशोधित विचारार्थ विषय से आयोग की भूमिका और उत्तरदायित्व व्यापक हो गए हैं जिससे अब इसमें अन्य बातों के साथ-साथ औद्योगिक लागत और मूल्य ब्यूरो का मुख्य कार्य भी समाहित हो जाएगा। प्रशुल्क आयोग को संशोधित विचारार्थ विषय के अनुसार कार्य निष्पादन के लिए प्रशुल्क और प्रशुल्क संबंधी मामलों में इन-हाउस सहयोग, निरंतरता और विशेषज्ञता अपेक्षित होगी। विगत वर्षों में औद्योगिक लागत एवं मूल्य ब्यूरो ने प्रौद्योगिकी, आर्थिक विश्लेषण, वित्त और लागत लेखा के संबंध में व्यापक डाटा आधार और विशेषज्ञता हासिल कर ली है।"

 

अनुलग्नक 1.1

अनुलग्नक 1.2

अनुलग्नक 1.3